➤ निजी स्कूल में छात्र की पिटाई का आरोप
➤ थाने पहुंचे परिजन और ग्रामीण, कार्रवाई की मांग
➤ एफआईआर दर्ज, पुलिस ने शुरू की जांच
कांगड़ा जिले के नूरपुर उपमंडल में एक निजी स्कूल में छात्र की कथित पिटाई का मामला तूल पकड़ गया है। छात्र के परिजनों, रिश्तेदारों और ग्रामीणों ने स्कूल प्रबंधन के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए पुलिस थाना नूरपुर के बाहर प्रदर्शन किया और दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग उठाई। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने शिकायत के आधार पर एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
जानकारी के अनुसार सदवां क्षेत्र के एक निजी स्कूल में पढ़ने वाले छात्र के साथ कथित रूप से मारपीट की गई। परिजनों का आरोप है कि स्कूल के प्रधानाचार्य ने छात्र के साथ बेरहमी से मारपीट की, जिससे वह शारीरिक और मानसिक रूप से प्रभावित हुआ है। घटना सामने आने के बाद परिवार में रोष फैल गया और बड़ी संख्या में ग्रामीण भी उनके समर्थन में उतर आए।
बुधवार को परिजन, रिश्तेदार और गांववासी पुलिस थाना नूरपुर पहुंचे। इस दौरान उन्होंने स्कूल प्रबंधन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए निष्पक्ष जांच और कड़ी कार्रवाई की मांग की। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि यदि बच्चों के साथ शिक्षण संस्थानों में इस तरह का व्यवहार होगा तो अभिभावकों का भरोसा शिक्षा व्यवस्था से उठ जाएगा।
परिजनों ने बताया कि घटना के बाद 23 जून को छात्र का सिविल अस्पताल नूरपुर में मेडिकल करवाया गया। मेडिकल जांच के दौरान बच्चे के शरीर पर चोटों के निशान पाए गए हैं। परिजनों का आरोप है कि स्कूल प्रशासन मामले को दबाने और समझौते के जरिए रफा-दफा करने की कोशिश कर रहा है, लेकिन वे न्याय मिलने तक अपनी लड़ाई जारी रखेंगे।
ग्रामीणों ने भी स्कूल प्रबंधन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए। उनका कहना है कि शिक्षण संस्थानों का उद्देश्य बच्चों को शिक्षा, संस्कार और सुरक्षित माहौल देना होता है। यदि स्कूलों में बच्चों को भय और प्रताड़ना का सामना करना पड़े तो यह बेहद चिंताजनक स्थिति है। उन्होंने प्रशासन से मामले की निष्पक्ष जांच कर सच्चाई सामने लाने की मांग की।
उधर, एएसपी नूरपुर धर्म चंद वर्मा ने बताया कि पुलिस ने शिकायत के आधार पर मामला दर्ज कर लिया है। मेडिकल रिपोर्ट और अन्य उपलब्ध साक्ष्यों की जांच की जा रही है। उन्होंने कहा कि जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर नियमानुसार कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
पुलिस का कहना है कि मामले के सभी पहलुओं की गंभीरता से जांच की जा रही है। यदि किसी व्यक्ति की भूमिका सामने आती है तो उसके खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल इस घटना ने क्षेत्र में शिक्षा संस्थानों में बच्चों की सुरक्षा और अनुशासन के तरीकों को लेकर नई बहस छेड़ दी है।



